Thursday, 24 May 2012

sad


मेरा पियो मेनू केन्ना तो किन्ना मेड
करदा रो रो अनखा  रेड
असी तेरे लिए कुछ भी नहीं
उस कुड़ी दे लई तू बेठा सेड 


तू छड दे उस कुड़ी दा पीछा
तेनु ओदे सिअवा कुछ भी नि दिखा
तेरी माँ बेके किना रोंदी
ओए मुंडया सिख जीवन दा सलिखा


उनु छड ता दू पर याद ओदी जांदी नहीं
बह बह अनखा मेरी मेनू बड़ा सतान्दी रही
में भूलजा ओने केसे
जद ओ भी मेनू भुलंदी नहीं

1 comment:

shubham said...

Aa rahe hai mere yaar , dard hai.